मुख्य सामग्रीवर वगळा

एक टी.वी. पत्रकार एक किसान का इंटरव्यू ले रहा था...

पत्रकार : आप बकरे को क्या खिलाते हैं...??
किसान : काले को या सफ़ेद को...??

पत्रकार : सफ़ेद को..
किसान : घाँस..

पत्रकार : और काले को...??
किसान : उसे भी घाँस..

पत्रकार : आप इन बकरों को बांधते कहाँ हो...??
किसान : काले को या सफ़ेद को...??

पत्रकार : सफ़ेद को..
किसान : बाहर के कमरे में..

पत्रकार : और काले को...??
किसान : उसे भी बाहर के कमरे में...

पत्रकार : और इन्हें नहलाते कैसे हो...??
किसान : किसे काले को या सफ़ेद को...??

पत्रकार : काले को..
किसान : जी पानी से..

पत्रकार : और सफ़ेद को...??
किसान : जी उसे भी पानी से..

पत्रकार का गुस्सा सातवें आसमान पर, बोला : कमीने ! जब दोनों के साथ सब कुछ एक जैसा करता है, तो मुझे बार-बार क्यों पूछता है.. काला या सफ़ेद...???? 😡😡

किसान : क्योंकि काला बकरा मेरा है...
पत्रकार : और सफ़ेद बकरा...??
किसान : वो भी मेरा है... 😜😜

पत्रकार बेहोश... 😫😫😫😫😫😫😫
  होश आने पे किसान बोला अब पता चला कमीने जब तुम एक ही news  को सारा दिन घुमा फिरा के दिखाते हो हम भी  ऐसे ही दुखी होते है।

टिप्पण्या

या ब्लॉगवरील लोकप्रिय पोस्ट

💐💐 तीन गाळण्या 🍀🍀 सौक्रेटीस हा एक महान ग्रीक तत्ववेत्ता होता . एके दिवशी त्याच्याकडे एकजण आला व त्याला सांगू लागला ,  " अहो ....तुमच्या मित्राबद्दल मी आताच काय ऐकले ? तुम्हास म...

एकटे

बिछान्या वरच्या चादरी आता विस्कटलेल्या नसतात, अस्ताव्यस्त फेकलेले आता कपडे कुठे नसतात. TV च्या रिमोट साठी भांडण होत नाही, खाण्यासाठी आता कुणाची फर्माईश होत नाही कारण- आत...